तेरे ही किस्से तेरी ही कहानियाँ मिलेंगी मुझमें

तेरे ही किस्से तेरी ही कहानियाँ मिलेंगी मुझमें

तेरे ही किस्से तेरी ही कहानियाँ मिलेंगी मुझमें,
मैं कोई अख़बार नहीं जो रोज़ बदल जाऊं...!


Tere hee kisse teree hee kahaaniyaan milengee mujhamen,
Main koee akhabaar nahin jo roz badal jaoon...!