तेरी दास्तां ए हयात को लिखुँ किस गजल के नाम से

तेरी दास्तां ए हयात को लिखुँ किस गजल के नाम से

तेरी दास्तां-ए-हयात को लिखुँ किस गजल के नाम से
तेरी शौखियां भी अजीब है,तेरी सादगी भी कमाल है..!


Teree daastaan-e-hayaat ko likhun kis gajal ke naam se
Teree shaukhiyaan bhee ajeeb hai,teree saadagee bhee kamaal hai..!