तू है सूरज तुझे मालूम कहाँ रात का दर्द

तू है सूरज तुझे मालूम कहाँ रात का दर्द

तू है सूरज तुझे मालूम कहाँ रात का दर्द,
तू किसी रोज मेरे घर में उतर शाम के बाद।


Tu Hai Sooraj Tujhe Maloom Kahan Raat Ka Dard,
Tu Kisi Roz Mere Ghar Mein Utar Shaam Ke Baad.