तू मिले या न मिले ये मेरे मुकद्दर की बात है

तू मिले या न मिले ये मेरे मुकद्दर की बात है

तू मिले या न मिले ये मेरे मुकद्दर की बात है,
सुकून बहुत मिलता है तुझे अपना सोचकर।


Tu Mile Ya Na Mile Ye Mere Muqaddar Ki Baat Hai,
Sukoon Bahut Milta Hai Tujhe Apna Soch Kar.