तुमने अपने होठों से जब छुई थीं ये पलकें

तुमने अपने होठों से जब छुई थीं ये पलकें

तुमने अपने होठों से जब छुई थीं ये पलकें ,नींद के नसीबों में ख्वा़ब लौट आया था !!
रंग ढूँढने निकले लोग जब कबीले के , तितलियों ने मीलों तक रास्ता दिखाया था !!


Tumane apane hothon se jab chhuee theen ye palaken ,neend ke naseebon mein khvaba laut aaya tha !!
Rang dhoondhane nikale log jab kabeele ke , titaliyon ne meelon tak raasta dikhaaya tha !!