तुम सादा मिज़ाजी से मिटे फिरते हो जिस पर Admin / Aug 11, 2026 तुम सादा मिज़ाजी से मिटे फिरते हो जिस पर तुम सादा-मिज़ाजी से मिटे फिरते हो जिस पर... वो शख़्स तो दुनिया में किसी का भी नहीं है...!! Tum saada-mizaajee se mite phirate ho jis par... Vo shakhs to duniya mein kisee ka bhee nahin hai...!! Shayari Bewafa Shayari Shakhs Shayari Tum Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026