तुझे फुर्सत ही न मिली मुझे पढ़ने की वरना

तुझे फुर्सत ही न मिली मुझे पढ़ने की वरना

तुझे फुर्सत ही न मिली मुझे पढ़ने की वरना,
हम तेरे शहर में बिकते रहे किताबों की तरह।


Tujhe Fursat Hi Na Mili Mujhe Parhne Ki Varna,
Hum Tere Shahar Mein Bikte Rahe Kitaabon Ki Tarah.