जो साज़ से निकली है वो धुन सबने सुनी है

जो साज़ से निकली है वो धुन सबने सुनी है

जो साज़ से निकली है वो धुन सबने सुनी है

जो साज़ से निकली है वो धुन सबने सुनी है,
जो तार पे गुज़री है वो ग़म किसको पता है...!


Jo saaz se nikalee hai vo dhun sabane sunee hai,
Jo taar pe guzaree hai vo gam kisako pata hai...!