जरूरी नहीं है ईश्क में बॉहों के सहारे ही मिले

जरूरी नहीं है ईश्क में बॉहों के सहारे ही मिले

जरूरी नहीं है ईश्क में बॉहों के सहारे ही मिले,
किसी को जी भर के महसुस करना भी मोहब्बत है।


Jarooree nahin hai eeshk mein bohon ke sahaare hee mile,
Kisee ko jee bhar ke mahasus karana bhee mohabbat hai.