जब अंदर नफ़रत ही भरी हो

जब अंदर नफ़रत ही भरी हो

जब अंदर नफ़रत ही भरी हो,
तो लबों पर तबस्सुम किसलिए?


Jab andar nafarat hee bharee ho,
To labon par tabassum kisalie?