घुट-घुट कर शहर भी अब मरने लगे हैं,

घुट-घुट कर शहर भी अब मरने लगे हैं,

घुट-घुट कर शहर भी अब मरने लगे हैं,
जब से इंसान इतनी तरक्की करने लगे हैं.


Ghut-ghut kar shahar bhee ab marane lage hain,
Jab se insaan itanee tarakkee karane lage hain.