गर्दिश तो चाहती है तबाही मेरी मगर

गर्दिश तो चाहती है तबाही मेरी मगर

गर्दिश तो चाहती है तबाही मेरी मगर

गर्दिश तो चाहती है तबाही मेरी मगर,
मजबूर है किसी की दुआओं के सामने।


Gardish to chaahatee hai tabaahee meree magar,
Majaboor hai kisee kee duaon ke saamane.