किसी सहरा में महकता गुलिस्ताँ न हो जाऊँ

किसी सहरा में महकता गुलिस्ताँ न हो जाऊँ

किसी सहरा में महकता गुलिस्ताँ न हो जाऊँ...
हर ऐब सुधार लूँ तो फ़रिश्ता न हो जाऊँ...!!


Kisee sahara mein mahakata gulistaan na ho jaoon...
Har aib sudhaar loon to farishta na ho jaoon...!!