कितने खुबसूरत हुआ करते थे बचपन के वो दिन

कितने खुबसूरत हुआ करते थे बचपन के वो दिन

कितने खुबसूरत हुआ करते थे बचपन के वो दिन

कितने खुबसूरत हुआ करते थे बचपन के वो दिन ..!!
सिर्फ दो उंगलिया जुड़ने से दोस्ती फिर से शुरु हो जाया करती थी ..!!


Kitane khubasoorat hua karate the bachapan ke vo din ..!!
Sirph do ungaliya judane se dostee phir se shuru ho jaaya karatee thee ..!!