एक ही अंजाम है ऐ दोस्त हुस्न ओ इश्क़ का Admin / Aug 18, 2021 एक ही अंजाम है ऐ दोस्त हुस्न ओ इश्क़ का एक ही अंजाम है ऐ दोस्त हुस्न ओ इश्क़ का, शमा भी बुझती है परवानों के जल जाने के बाद। Ek Hi Anjaam Hai Ai Dost Husn-o-Ishq Ka, Shama Bhi Bujhti Hai Parwano Ke Jal Jane Ke Baad. Shayari Sad Shayari