एक मुस्कुराहट से गर एक रिश्ता सँवर सकता है

एक मुस्कुराहट से गर एक रिश्ता सँवर सकता है

एक मुस्कुराहट से गर, एक रिश्ता सँवर सकता है...
तो फिर, ये बेवजह की नाराज़गी क्यूँ...!!


Ek muskuraahat se gar, ek rishta sanvar sakata hai...
To phir, ye bevajah kee naaraazagee kyoon...!!