एक ख्वाईश ने फिर आज दम तोड़ दिया

एक ख्वाईश ने फिर आज दम तोड़ दिया

एक ख्वाईश ने फिर आज दम तोड़ दिया,
पुख्ता सबूत हैं ये मेरे आँसू ...!


Ek khvaeesh ne phir aaj dam tod diya,
Pukhta saboot hain ye mere aansoo ...!