उगते हुए सूरज से मिलाते हैं निगाहें

उगते हुए सूरज से मिलाते हैं निगाहें

उगते हुए सूरज से मिलाते हैं निगाहें,
हम गुजरी हुई रात का मातम नहीं करते।


Ugte Huye Sooraj Se Milate Hain Nigaahein,
Hum Gujari Hui Raat Ka Maatam Nahi Karte.