इस कब्र में भी हमको सुकून नसीब नहीं फ़राज़

इस कब्र में भी हमको सुकून नसीब नहीं फ़राज़

इस कब्र में भी हमको सुकून नसीब नहीं फ़राज़,
रोज फ़रिश्ते आ के कहते हैं एक नया शेर हो जाये।


Iss Qabr Mein Bhi Humko Sukoon Naseeb Nahi Faraz,
Roz Farishte Aa Ke Kehte Hain Ek Naya Sher Ho Jaye.