इधर बुझा तो कहीं और जलेगा जाकर

इधर बुझा तो कहीं और जलेगा जाकर

इधर बुझा तो कहीं और जलेगा जाकर...
ये जो सूरज है न औरत का ज़िगर रखता है...!!


Idhar bujha to kaheen aur jalega jaakar...
Ye jo sooraj hai na aurat ka zigar rakhata hai...!!