इक शजर ऐसा मोहब्बत का लगाया जाए

इक शजर ऐसा मोहब्बत का लगाया जाए

इक शजर ऐसा मोहब्बत का लगाया जाए...
जिस का हम-साये के आँगन में भी साया जाए...!!


Ik shajar aisa mohabbat ka lagaaya jae...
Jis ka ham-saaye ke aangan mein bhee saaya jae...!!