आज तक गुमसुम खड़ी हैं शहर में

आज तक गुमसुम खड़ी हैं शहर में

आज तक गुमसुम खड़ी हैं शहर में
जाने दीवारों से तुम क्या कह गए


Aaj tak gumasum khadee hain shahar mein
Jaane deevaaron se tum kya kah gae