अब तो इस राह से वो शख़्स गुज़रता भी नहीं

अब तो इस राह से वो शख़्स गुज़रता भी नहीं

अब तो इस राह से वो शख़्स गुज़रता भी नहीं,
अब किस उम्मीद पे दरवाज़े से झाँके कोई।


Ab Toh Iss Raah Se Woh Shakhs Gujarta Bhi Nahi,
Ab Kis Ummid Pe Darwaaze Se Jhanke Koi.