अक्सर चाकू छुरी वही खोलते है जो कमज़ोर होते है

अक्सर चाकू छुरी वही खोलते है जो कमज़ोर होते है

अक्सर चाकू-छुरी वही खोलते है जो कमज़ोर होते है,
वरना हम जैसों का तो सारा काम मान-सम्मान से ही हो जाता है।।


Aksar chaakoo-chhuree vahee kholate hai jo kamazor hote hai,
Varana ham jaison ka to saara kaam maan-sammaan se hee ho jaata hai..