आईने में खुद को छुपाना अब बंद किया, जो शक्ल है मेरी, उसी को गले लगाना सीखा। Admin / Sep 24, 2026 आईने में खुद को छुपाना अब बंद किया, जो शक्ल है मेरी, उसी को गले लगाना सीखा। आईने में खुद को छुपाना अब बंद किया, जो शक्ल है मेरी, उसी को गले लगाना सीखा। Aaine mein khud ko chhupana ab band kiya, jo shakal hai meri, usi ko gale lagana seekha. Shayari Body Positivity Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026