सूरज वैसे ही उगता है जैसे पहले उगता था, बस ऊपर का पहरा अब उतना पक्का नहीं रहता था। Admin / Sep 24, 2026 सूरज वैसे ही उगता है जैसे पहले उगता था, बस ऊपर का पहरा अब उतना पक्का नहीं रहता था। सूरज वैसे ही उगता है जैसे पहले उगता था, बस ऊपर का पहरा अब उतना पक्का नहीं रहता था। Sooraj waise hi ugta hai jaise pehle ugta tha, bas upar ka pehra ab utna pakka nahi rehta tha. Shayari World Ozone Day Shayari