शेर को नहीं पता वो दुर्लभ हो चला है, उसे बस इतना पता है कि जंगल छोटा हो चला है। Admin / Sep 24, 2026 शेर को नहीं पता वो दुर्लभ हो चला है, उसे बस इतना पता है कि जंगल छोटा हो चला है। शेर को नहीं पता वो दुर्लभ हो चला है, उसे बस इतना पता है कि जंगल छोटा हो चला है। Sher ko nahi pata wo durlabh ho chala hai, use bas itna pata hai ki jungle chhota ho chala hai. Shayari World Wildlife Day Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026