सबकी मंज़िल तय लगे, मेरी अभी बन रही है, थोड़ा वक़्त दो मुझे, ज़िंदगी अभी सीख रही है। Admin / Sep 24, 2026 सबकी मंज़िल तय लगे, मेरी अभी बन रही है, थोड़ा वक़्त दो मुझे, ज़िंदगी अभी सीख रही है। सबकी मंज़िल तय लगे, मेरी अभी बन रही है, थोड़ा वक़्त दो मुझे, ज़िंदगी अभी सीख रही है। Shayari Quarter-Life Crisis Shayari