पुराने ख़त आज भी अलमारी में सोए हैं Admin / Sep 24, 2026 पुराने ख़त आज भी अलमारी में सोए हैं पुराने ख़त आज भी अलमारी में सोए हैं, कुछ यादें कागज़ों में ही ज़िंदा होती हैं। Purane khat aaj bhi almari mein soye hain, kuch yaadein kaagazon mein hi zinda hoti hain. Shayari World Post Day Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026