- Ganga
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- Dec 09, 2021
Priye Shayari
You and I, said in contrasts.
Priye shayari plays with playful contrasts — an old city versus a new one, a quiet river versus a traffic jam, a home-cooked meal versus a pizza order — all addressed to a beloved in classic 'tum-main' style. It shares its comparative wit with Desh Shayari.
- Last Updated on Aug 11, 2026
बेरोजगारी से मैं बेकार प्रिये,
- Mushkil
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- Dec 09, 2021
मैं प्राचीन इलाहबाद सा,
तुम प्रयागराज सी नवीन प्रिये,
मुश्किल है अपना संगम प्रिये.
- Prem
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- Dec 09, 2021
तुम प्रयागराज सी नवीन प्रिये,
मैं इलाहाबाद सा पुराना,
प्रेम अगर थोड़ा भी हो
तो वक़्त निकालकर कमरे पर आना.
- Delhi
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- Dec 09, 2021
मैं शहर का मीठा डब्बा हूँ तुम कड़वी वाली दवा प्रिये,
मैं शुद्ध लहर हूँ वादी की तुम दिल्ली की गंदी हवा प्रिये.
- Ganga
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- Dec 09, 2021
तुम गंगा की पवित्र धारा,
मैं सड़कों का जाम प्रिये,
तुम काशी विश्वनाथ सी आस्था
मैं पैरों पर चढ़ा भांग प्रिये।
- Pizza
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- Dec 09, 2021
तुम नये साल की ख़ुशी जैसी,
मैं बीता साल पुराना प्रिये,
तुम Dominos का पिज्जा हो
मैं ढाबे का हूँ खाना प्रिये।
- Desh
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- Nov 20, 2020
तुम राजवंश की शहजादी
मैं भी देश का चोकीदार प्रिये
तुम दिन रात EVM को कोसते रहो,
बनेगी फिर मोदी सरकार प्रिये !!
- Dhan
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- Nov 17, 2020
तुम पुश्तैनी कोंग्रेसी वॉटर,
मे असहिष्णु मोदी प्रिये,
हो हमारा भी गठबंधन,
काश आए वो वक़्त प्रिये
- Desh
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- Apr 05, 2019
तुम बनती साध्वी खोसला हो
मैं बनता देश का हौसला प्रिये
तुम नेहरू-गांधी परिवार वाली हो
मैं चौकीदार के परिवार का प्रिये !!
- Bjp
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- Mar 21, 2019