परिंदे उड़ते हैं आसमान की तलाश में, हम ही उनका आसमान छीन लेते हैं गलतफहमी में। Admin / Sep 24, 2026 परिंदे उड़ते हैं आसमान की तलाश में, हम ही उनका आसमान छीन लेते हैं गलतफहमी में। परिंदे उड़ते हैं आसमान की तलाश में, हम ही उनका आसमान छीन लेते हैं गलतफहमी में। Parinde udte hain aasman ki talaash mein, hum hi unka aasman cheen lete hain galatfehmi mein. Shayari World Wildlife Day Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026