मीटिंग्स के बीच भूल गया घर की शाम की आवाज़

मीटिंग्स के बीच भूल गया घर की शाम की आवाज़

मीटिंग्स के बीच भूल गया घर की शाम छह बजे की आवाज़,
आज वापस चलता हूँ उसी आवाज़ की तरफ,
बस यह याद रखने कि
मैं अब भी वहीं रहता हूँ।


Meetings ke beech bhool gaya ghar ki shaam chhah baje ki aawaz, aaj wapas chalta hoon usi aawaz ki taraf, bas yeh yaad rakhne ki main ab bhi wahin rehta hoon.