Matalab Shayari - Sacchi Chaahat Ya Matlab Ka Khel

Kabhi matlab se pare mohabbat hoti hai, kabhi mohabbat mein bhi matlab chhupa hota hai.

कोई मोहब्बत का असली मतलब खोजता है तो कोई दुनिया के मतलबी रिश्तों से थक जाता है - matalab shayari इन दोनों नज़रियों को साथ लेकर चलती है, बिना किसी झूठी उम्मीद के। दुनियादारी से जुड़ी बातों के लिए Duniya शायरी भी पढ़ें।


यह सच कभी आँखों में झलकता है तो कभी दिल की गहराई में छुपा रहता है, इसलिए Aankh और Dil शायरी भी ज़रूर देखें।