लंबी रात के बाद सुबह Admin / Sep 24, 2026 लंबी रात के बाद सुबह बहुत लंबी थी वो रात जो अभी गुज़री है, पर आज सुबह की पहली किरण दिखी है, धीरे सही, मगर अब चलना शुरू हुआ है। Bahut lambi thi wo raat jo abhi guzri hai, Par aaj subah ki pehli kiran dikhi hai, Dheere sahi, magar ab chalna shuru hua hai. Shayari New Beginnings Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026