करघा धीरे गाता है, सब्र भरा गीत, धूप को बुनता है कपड़े में, यही उसकी जीत।

करघा धीरे गाता है, सब्र भरा गीत, धूप को बुनता है कपड़े में, यही उसकी जीत।

करघा धीरे गाता है, सब्र भरा गीत, धूप को बुनता है कपड़े में, यही उसकी जीत।


Kargha dheere gaata hai, sabr bhara geet, Dhoop ko bunta hai kapde mein, yehi uski jeet.