Kaash Shayari - Jab Dil Kahe 'Kaash Aisa Hota'

Har kaash ke peeche chhupi hai ek adhoori khwahish.

Kaash Shayari - Adhoori Chaahat Ka Iqrar

काश कोई फ़ुरसत में हमें याद कर ले, काश कोई सुबह जगाने आए - kaash shayari इन्हीं छोटी-बड़ी अधूरी ख़्वाहिशों को शब्द देती है, कभी संजीदगी से तो कभी ठहाकों के बीच। इश्क़ से जुड़ी गहरी बातों के लिए Ishq शायरी भी पढ़ें।


यह हसरत कभी आशिक़ी के जोश में बदल जाती है तो कभी एक आह बनकर रह जाती है, इसलिए Aashiqui और Aah शायरी भी देखें।