काम ने हमेशा एक घंटा और माँगा है Admin / Sep 24, 2026 काम ने हमेशा एक घंटा और माँगा है काम ने हमेशा एक घंटा और माँगा है, कभी पूछा नहीं कि तबीयत कैसी है, आज जवाब न में दूँगा, घर की मेज़ पर मेरी जगह बाकी है। Kaam ne hamesha ek ghanta aur maanga hai, kabhi poocha nahi ki tabiyat kaisi hai, aaj jawab na mein dunga, ghar ki mez par meri jagah baaki hai. Shayari Work-Life Balance Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026