धुंध हट गई है अब मेरी आँखों से, जो सच मैंने देखा था, वही सच था हमेशा से। Admin / Sep 24, 2026 धुंध हट गई है अब मेरी आँखों से, जो सच मैंने देखा था, वही सच था हमेशा से। धुंध हट गई है अब मेरी आँखों से, जो सच मैंने देखा था, वही सच था हमेशा से। Dhundh hat gayi hai ab meri aankhon se, jo sach maine dekha tha, wahi sach tha hamesha se. Shayari Gaslighting Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026