जल्दी में नहीं, समझ में है जीत, जो रुक कर सोचे, वही असली मीत।

जल्दी में नहीं, समझ में है जीत, जो रुक कर सोचे, वही असली मीत।

जल्दी में नहीं, समझ में है जीत, जो रुक कर सोचे, वही असली मीत।


Jaldi mein nahi, samajh mein hai jeet, Jo ruk kar soche, wahi asli meet.