Jal Shayari - Ganga Ke Jal Ki Baat

Ganga ka jal pavitra hai, aur usko bachana bhi hamari zimmedari.

माँ गंगा का जल जितना पवित्र माना जाता है, उतनी ही उसकी सफ़ाई की चिंता भी यहाँ की शायरी में झलकती है - jal shayari भक्ति और ज़िम्मेदारी दोनों को एक साथ बयान करती है। घर से जुड़ी आत्मीय बातों के लिए Ghar शायरी भी पढ़ें।


यह भाव कभी आँसुओं की कीमत में झलकता है तो कभी दीये की रोशनी जितना पावन लगता है, इसलिए Dil और Diya शायरी भी देखें।