- Jun 21, 2023
Jal Shayari - Ganga Ke Jal Ki Baat
Ganga ka jal pavitra hai, aur usko bachana bhi hamari zimmedari.
माँ गंगा का जल जितना पवित्र माना जाता है, उतनी ही उसकी सफ़ाई की चिंता भी यहाँ की शायरी में झलकती है - jal shayari भक्ति और ज़िम्मेदारी दोनों को एक साथ बयान करती है। घर से जुड़ी आत्मीय बातों के लिए Ghar शायरी भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
तुम्हारी आँखों से बहने वाले अश्रु,
- Aankh
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- Jan 17, 2022
आँखों में कौन आ के इलाही निकल गया,
किस की तलाश में मेरे अश्क़ रवां चले।
~ जलील मानिकपुरी
- Maa
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- Dec 09, 2021
माँ गंगा तेरे जल को गंदा नही करेंगे,
तेरे जल को जो गन्दा करें, वो धंधा नही करेंगे.
- Khyaal
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- Dec 09, 2021
ना जाने क्यों कोई माँ का ख्याल नही रखता,
गंगा का जल दूषित हो रहा है पर कोई सवाल नही करता.
- Ganga
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- Dec 09, 2021
दुःख-पाप नाशिनी माँ गंगा सबकी मित्र है,
गंगा का जल दुनिया में सबसे ज्यादा पवित्र है.
- June
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- Dec 09, 2021
यही जूनून यही एक ख्वाब मेरा है,
वहाँ चिराग जला दूँ जहाँ अँधेरा है,
तेरी कोशिश भी तो शामिल थी मुझे बुझाने में
जो फिर जल उठा हूँ तो ये भी कमाल मेरा है.
- Deepak
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- May 21, 2021
मेरे अंदर जिन्होंने ज्ञान का दीपक जलाया,
उन गुरूजी को एक बार भी धन्यवाद नहीं कह पाया.
- Allahabad
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- Apr 21, 2021
यूँ इलाज-ए-दिल बीमार किया जाएगा
शर्बत-ए-दीद से सरशार किया जाएगा
- अफ़ज़ल इलाहाबादी
- Aah
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- Feb 06, 2021
उफ्फ !!! ये नवम्बर की सुबह की सर्द,
आह !!! ये जल्दी से चाय ठंडी हो जाने का दर्द !!
- Haar
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- Dec 23, 2020