जड़ें कभी शिकायत नहीं करतीं बारिश की, बस खामोशी से इंतज़ार करती हैं हर बारिश की। Admin / Sep 24, 2026 जड़ें कभी शिकायत नहीं करतीं बारिश की, बस खामोशी से इंतज़ार करती हैं हर बारिश की। जड़ें कभी शिकायत नहीं करतीं बारिश की, बस खामोशी से इंतज़ार करती हैं हर बारिश की। Jadein kabhi shikayat nahi karti baarish ki, bas khamoshi se intezaar karti hain har baarish ki. Shayari International Day of Forests Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026