हमने आसमान में एक छेद कर दिया तरक्की के नाम पर, अब उसे सिलने में जुटे हैं धीरे-धीरे, हर गाम पर। Admin / Sep 24, 2026 हमने आसमान में एक छेद कर दिया तरक्की के नाम पर, अब उसे सिलने में जुटे हैं धीरे-धीरे, हर गाम पर। हमने आसमान में एक छेद कर दिया तरक्की के नाम पर, अब उसे सिलने में जुटे हैं धीरे-धीरे, हर गाम पर। Humne aasman mein ek ched kar diya tarakki ke naam par, ab use silne mein jute hain dheere-dheere, har gaam par. Shayari World Ozone Day Shayari