हर दीवार की एक वजह है Admin / Sep 24, 2026 हर दीवार की एक वजह है तुम इसे दीवार कहते हो, मैं इसे सबक कहती हूँ, हर ईंट के पीछे एक टूटा हुआ वादा है। Tum ise deewar kehte ho, Main ise sabak kehti hoon, Har eent ke peeche ek toota hua vaada hai. Shayari Trust Issues Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026