हाथों में दस्ताने, आँखों में चश्मा हो, हर मजदूर का सपना, बस सही सलामत घर पहुँचना हो।

हाथों में दस्ताने, आँखों में चश्मा हो, हर मजदूर का सपना, बस सही सलामत घर पहुँचना हो।

हाथों में दस्ताने, आँखों में चश्मा हो, हर मजदूर का सपना, बस सही सलामत घर पहुँचना हो।


Haathon mein dastaane, aankhon mein chashma ho, Har mazdoor ka sapna, bas sahi salamat ghar pahunchna ho.