गुस्सा रखा दरवाज़े पर, अंदर मुस्कान लाए, बच्चे के सामने हम, फिर से माँ-बाप कहलाए।

गुस्सा रखा दरवाज़े पर, अंदर मुस्कान लाए, बच्चे के सामने हम, फिर से माँ-बाप कहलाए।

गुस्सा रखा दरवाज़े पर, अंदर मुस्कान लाए,
बच्चे के सामने हम, फिर से माँ-बाप कहलाए।