क्षमा पीड़ा के चक्र को तोड़ देती है

क्षमा पीड़ा के चक्र को तोड़ देती है

बदले की भावना पीड़ा का चक्र आगे बढ़ाती है, परंतु क्षमा उस चक्र को वहीं रोक देती है और एक नई शुरुआत का द्वार खोलती है।