ईंट से नहीं, अपनों से बनता है घर पूरा

ईंट से नहीं, अपनों से बनता है घर पूरा

ईंट से नहीं, अपनों से बनता है घर पूरा, यही तो है ज़िंदगी का सबसे प्यारा सफर।


Eint se nahi, apno se banta hai ghar poora, yahi toh hai zindagi ka sabse pyaara safar.