- Oct 01, 2021
December Shayari
December aaya nahi ki purani yaadein dastak dene lagti hain.
December aate hi hawa mein thandak ke saath kisi ki yaad bhi ghulne lagti hai, yeh December Shayari 2 line se lekar lambi panktiyon tak, is sard mausam ke har rang ko samete hai. Naye saal ka jashn 31st December Shayari mein bhi dekhein.
- Last Updated on Aug 11, 2026
हल्की सी बारिश, मस्त हवा और उसकी याद
- October
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- Sep 30, 2021
तुम्हारे आने से होता, गुलाबी ठंडक का आगाज़
पतझड़ के बाद खोले, कलियों ने शरमाकर राज़ !!
- October
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- Sep 30, 2021
अक्टूबर रह गया, नवम्बर आने वाला है
तेरी यादों को लेकर फिर दिसंबर आने वाला है !!
- November
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- Feb 03, 2021
लम्हों की तितलियाँ
सदियों सा सुकून दे गयी
नवम्बर की तेरी भीगी सी महक
दिसम्बर की सर्दियां दे गयी !!
- Asar
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- Jan 10, 2021
यूँ तो चाहत में निहाँ जून की हिद्दत है मगर
सर्द लहजे में दिसम्बर का असर लगता है !!
- Gam
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- Jan 06, 2021
रोते हैं जब भी हम दिसम्बर में
जम से जाते हैं ग़म दिसम्बर में,
जो हमें भूल ही गया था उसे
याद आए हैं हम दिसम्बर में !!
- Aankh
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- Jan 05, 2021
हर दिसम्बर इसी वहशत में गुज़ारा कि कहीं
फिर से आँखों में तिरे ख़्वाब न आने लग जाएँ !!
- Baras
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- Jan 03, 2021