चूड़ियां खनकती हैं, मेहंदी सूखती है, आज हर गली उत्सव की आँखों से देखती है। Admin / Sep 24, 2026 चूड़ियां खनकती हैं, मेहंदी सूखती है, आज हर गली उत्सव की आँखों से देखती है। चूड़ियां खनकती हैं, मेहंदी सूखती है, आज हर गली उत्सव की आँखों से देखती है। Choodiyan khankti hain, mehendi sookhti hai, Aaj har gali utsav ki aankhon se dekhti hai. Shayari Chand Raat Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026