Bura Shayari - Jab Waqt Sath Na De

Waqt acha ho ya bura, sach kehna is shayari ki pehchaan hai.

Bura Shayari - Achche-Bure Waqt Ka Sach

किस्मत का खेल कभी अच्छा लगता है तो कभी बुरा, और दिल को हर बार दोनों को क़बूल करना पड़ता है - bura shayari इसी उतार-चढ़ाव को बिना किसी लाग-लपेट के बयान करती है। अच्छे पलों की बात के लिए Achchha शायरी भी पढ़ें।


यह सच कभी किसी की बुराई सहने में झलकता है तो कभी अधूरी चाहत में, इसलिए Burai और Chaah शायरी भी ज़रूर देखें।